जंगली हाथियों का आतंक, 60 एकड़ पर लगी फसले तबाह- गुल्ला टीम तथा ड्रोन कैमरो के माध्यम से सर्च ऑपरेशन शुरूDNA न्यूज़। गोंदिया

            DNA  न्यूज़। गोंदिया
गड़चिरोली जिले के जंगलों से हाथियों का झुंड फिर से गोंदिया जिले की सीमा में घुस आया है। 11 मार्च की रात को अर्जुनी मोरगांव तहसील में हाथियों के झुंड ने प्रवेश कर क्षेत्रवासियों की नींद उड़ा दी है। उसके बाद 12 मार्च को हाथियों का झुंड फिर से गड़चिरोली की ओर लौट गया था। लेकिन फिर से यही झुंड गुरूवार-शुक्रवार के मध्यरात्री के दौरान फिर इसी क्षेत्र में लौटकर आकर फसलों को तबाह करने लग गया है। हाथियों ने लगभग 60 एकड़ में लगी मक्के की फसलों को नष्ट कर दिया है। जिसे देखते हुए वनविभाग ने हाथियोंं को नियंत्रण में लाने के िलए गुल्ला टीम बुला ली है। गुल्ला टीम तथा ड्रोन कैमरो के माध्यम से गोठनगांव वनपरिक्षेत्र में हाथियों का सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। क्षेत्र में इतनी दहशत निर्माण हो गई कि, अब किसान खेतों में जाने से डर रहे है। गोटन गांव वन परिक्षेत्र के आरएफओ मिलिंद पवार कहते हैं कि जंगली हाथियों को नियंत्रित करने के लिए गुल्ला टीम बुलाई गई है वही ड्रोन के माध्यम से सर्च ऑपरेशन कर नुकसान ग्रस्त किसानों के पंचनामे किए जा रहे हैं वही क्षेत्र वासियों को सावधानी बरतने का आवाहन भी किया गया है। 
महुआ फुल की गंध से खींचे चले आए हाथी
गोंदिया जिला वनसंपदा से संपन्न है। जंगल तथा खेतों में बड़े पैमानों पर महुआ फुल के वृक्ष है। महुआ फुल चुनने का मौसम मार्च माह के दुसरे सप्ताह से शुरू हो चुका है। वृक्षों पर महुआ फुल खिलने से उनकी खुशबु दुर-दुर तक महक रही है। महुआ फुल का भोजन हाथियों को अधिक पसंद होने से महुंआ फुल की गंध से गड़चिरोली की सीमा पार कर गोंदिया के अर्जुनी मोरगांव तहसील मंे हाथियांे का झुंड चलकर आया है। पिछले 5 वर्षों से इसी मौसम में हाथियांे का झुंड इस क्षेत्र में प्रवेश कर विचरण करते हुए दिखाई देता है। 
कलकत्ता की गुल्ला टीम पहुँची
हाथियों को बिना नुकसान पहुँचाए हाथियाें को नियंत्रित लाने का काम गुल्ला टीम के माध्यम से किया जाता है। बताया गया है कि, गड़चिरोली जिले में हमेशा हाथियों का विचरण होने से उन्हें नियंत्रण में लाने के लिए वनविभाग ने कलकत्ता से गुल्ला नामक टीम को तैनात किया है। यह टीम पारम्पारिक तरीको और समझदारी से हाथियांे के झुंड को बिना नुकसान पहुँचाए जंगल की ओर सुरक्षित वापस भेजते है। यह टीम मानव व हाथियों के हिसंक संघर्ष को रोकने में प्रभावी रूप से काम करती है। पारंपारिक व तकनिकों से हाथियों को नियंत्रित कराने में टीम के सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। गोंदिया वनविभाग ने भी इस टीम को बुला लिया है। जिसके माध्यम से गोठनगांव वनपरिक्षेत्र में गश्त बड़ा दी है।
हाथियाें को पसंद आ रहा गोंदिया
इस संदर्भ में वनविभाग के अधिकारियाें द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि, गोंदिया जिले का माहौल जंगली हाथियों के िलए अच्छा है। गड़चिरोली जिले से सटी अजुर्नी मोरगांव तहसील में बडे पैमाने पर महुआ फुल के वृक्ष, मक्का तथा धान की फसल के अलावा पानी की भरपुर व्यवस्था है। जो जंगली हाथियाें को आकर्षित करता है। यह भी बताया गया है कि, इसी मौसम में हाथी पिछले 2022 से आ रहे है। हाथियों का आना और जंगलों में विचरण करना जिलेवासियों के लिए अच्छी बात है, वहीं दुसरी ओर हाथियाें के झुंड द्वारा फसलों को तबाह कर तथा मनुष्य जीवों को नुकसान पहुँचाया जाने से नागरिकों में दहशत का वातवरण भी देखा जा रहा है। जिसे देखते हुए सतर्कता बरतने का आव्हान वनविभाग द्वारा किया गया है।

0 Comments

Post a Comment

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post