DNA न्यूज। गोंदिया
नवेगांव-नागझिरा टाईगर रिजर्व के बफर जोन में शामिल पिंडकेपार (गोरेगांव) ग्रामवासियों ने बफर जोन का विरोध करते हुए ग्राम को वन्यजीव विभाग से ना जोड़ा जाए। इस तरह की मांग रखते हुए ग्रामसभा के माध्यम से मामला उठाया है। पिंडकेपार ग्राम पंचायत प्रशासन की ओर से सोमवार 18 मई को आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने इस तरह का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है।
बता दें कि पिंडकेपार ग्राम पंचायत प्रशासन की ओर से विभन्न विषयों को लेकर सोमवार 18 मई को ग्रामसभा का आयोजन किया गया था। जिसमें बड़ी संख्या में ग्राम के महिला-पुरूष उपस्थित थे। इस दौरान बफर जोन विषय पर चर्चा की गई। जिसमें वन्यजीव विभाग के वनरक्षक रंजीत पटले भी उपस्थित थे। उन्होने बफर जोन के विषय में प्रशासकीय विस्तृत जानकारी उपस्थित ग्रामीणों को दी। बफर जोन से ग्रामीणों को किस तरह से लाभ मिलेगा इसकी भी जानकारी दी। लेकिन ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से बफर जोन में गांव को शामिल न करने की बात करते हुए बफर जोन का विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब ग्राम पंचायत को विश्वास में लिया ही नहीं गया तो इस ग्राम को बफर जोन में शामिल क्यो किया गया है। लेकिन बताया गया कि वर्ष 2016-17 में ही इस गांव को बफर जोन की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इस दौरान ग्राम के सरपंच योगिता सहारे, उपसरपंच भरत घासले, ग्रापं सदस्य चंद्रकिशोर पटले, सुनील सोनवाने, रेखा रहांगडाले, कंचना सहारे, रूपा लटये, कला चौधरी, ग्राम पंचायत अधिकारी सहारे , ग्राम पंचायत कर्मचारी,तथा ग्राम के महिला-पुरूष, बचत गट की महिला तथा पदाधिकारी उपस्थित थे।
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