DNA न्यूज़। गोंदिया महाराष्ट्र
ग्रामीण महिलाओं को गरीबी से बाहर निकालने के लिए शासन की ओर से कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही है, जिनमें से एक योजना “उमेद” है। इस योजना से गोंदिया जिले की महिलाएं व्यापार जगत में उड़ान भर रही है। विभिन्न बैंको से कर्ज लेकर गोंदिया जिले की 72 हजार से अधिक महिलाएं उद्योजक बनकर गरीबी रेखा से बाहर निकल रही है, जो गोंदिया जिले के लिए गौरव की बात है।
बता दे कि, महिलाओं को हर स्तर पर सम्मान मिले और आर्थिक समृध्दी के लिए आत्मनिर्भर बने आदि उद्देश्यों को लेकर केन्द्र व राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए उमेद योजना शुरू की है। इसका खास मक्सद महिलाओं को परिवार की आय में अहम योगदान देकर आर्थिक रूप से मजबुत बनाना है। गोंदिया जिले में इस मिशन के तहत 862 ग्रामाें में महिलाओं का समुह तैयार किया गया है। जिसमें 548 ग्राम पंचायतें शामिल होकर 19 हजार 383 महिला बचत समुहों का निर्माण किया गया है। इस समुह में 2 लाख 20 हजार 434 महिलाएं शामिल हो चुकी है। इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 15 हजार 500 महिला बचत समुहों को बैंको के माध्यम से 158.90 करोड़ रूपए का कर्ज उपलब्ध कराया गया है। इस कर्ज की राशि से विभिन्न व्यवसाय शुरू कर आर्थिक परिस्थिती में सुधार लाया है। बताया गया है कि, जिले की 72 हजार 500 महिलाएं उद्योजक बन गई है। इन महिलाओं ने कपड़ो से लेकर अचार, पापड़, शहद, होटल, गुड कम्पनी, चावल, हस्तकला वस्तुए, गोट फाम तथा विभिन्न प्रकार का व्यापार शुरू किया है। इस व्यवसाय ने परिवार की आर्थिक तंगी की समस्या तो दुर हो ही गई है, लेकिन सबसे बड़ी कामयाबी इन महिलाओं के परिवारांे से जुडे सदस्यों को भी उद्योगजक बनने की प्रेरणा मिली है।
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