उमरझरी : वनविकास विभाग की कार्रवाई से सैकड़ों एकड़ की फसलों पर मंढरा रहा खतरा उमरझरी प्रकल्प नहर के कार्य को एफडीसीएम विभाग ने रोका DNA । गोंदिया महाराष्ट्र

            DNA । गोंदिया महाराष्ट्र 
सड़क अर्जुनी तहसील का सबसे बड़ा लघु प्रकल्प उमरझरी को कहा जाता है। उमरझरी प्रकल्प से सैकड़ों एकड़ खेती को सिंचाई का नियाेजन किया गया है। लेकिन महाराष्ट्र वन विकास महामंडल की कार्रवाई से उमरझरी प्रकल्प के नहर का काम रूक गया है। जिस वजह से सैकड़ों एकड़ में लगाई जा रही ग्रीष्मकालीन फसलांे पर खतरा मंढरा रहा है। इसी तरह कुछ दिनांे तक कार्य बंद रहा तो धान की फसल सहित अन्य फसलें बर्बाद हो जाएगी। इस कार्रवाई से किसानांे मंे तीव्र असंतोष निर्माण हो गया है। 
बता दंे की सड़क अर्जुनी तहसील में 26 वर्ष पूर्व उमरझरी प्रकल्प का निर्माण किया गया है। बताया गया है की यह प्रकल्प 700 एकड़ क्षेत्र मंे फैला हुआ है। इस प्रकल्प से क्षेत्र के लगभग देड़ हजार क्षेत्र को सिंचाई उपलब्ध कराने का नियोजन है। उमरझरी प्रकल्प से 12 किमी तक नहर का निर्माण किया जा चुका है। जो कोदामेडी, खजरी, वडेगांव तक है। लेकिन नहर की मरम्मत नहीं होने के कारण प्रकल्प से छोड़ने वाला पानी खेतो तक समय पर नहीं पहुंच पाता। अर्थात नहर का पानी कई जगहों से लिकेज हो रहा है। जिसे देखते हुए अर्जुनी मोरगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजकुमार बडोले ने लगभग 14 कराेड़ रूपए की निधि को मंजूरी दी। इस निधि से नहर की दुरूस्ती तथा अन्य काम करना है। जिसकी शुरूआत एक वर्ष पूर्व से ही शुरू हो गई थी। लेकिन एफडीसीएम का कहना है की जिस नहर का काम किया जा रहा है उस स्थान से पेड़ांे की कटाई तथा रेती का उत्खनन किया गया है। जिस वजह से कार्रवाई की गई है। वहीं दूसरी ओर काम करने वाली एजंेसी का कहना है की नहर क्षेत्र में आने वाली झाड़ियांे की कटाई कर उसी क्षेत्र का उत्खनन कर वहां से निकली हुई रेती संग्रहित की गई है जिसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस कार्रवाई से काम रूक जाने से नहर से पानी प्रवाहित करना मुश्किल हो गया है। जिस वजह से क्षेत्र की सैकड़ांे हेक्टेयर में लगी फसलांे पर संकट मंढरा रहा है। यदि इसी तरह स्थिति कुछ दिनांे तक रही तो धान व रबी फसले नष्ट हो जाएगी। इस कार्रवाई से किसानांे मंे तीव्र असंतोष निर्माण हो गया है। 
आंदोलन की भूमिका अपनाई जाएगी
विभाग ने कहा था की 15 दिनांे के भीतर फसलांे को प्रकल्प का पानी देने की प्रक्रिया शुरू कर देगे। जिसके बाद किसानों ने ग्रीष्मकालीन धान तथा रबी फसले लगाई है। लेकिन अभी तक उमरझरी प्रकल्प से पानी छोड़ा नहीं गया है। इसकी वजह बताई जा रही है की एफडीसीएम की कार्रवाई होने से समय पर नहर का काम पुरा नहीं हो पा रहा है। यदि इसी तरह स्थिति बनी रही ताे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा। 
- याज्ञनिक चौहान, किसान, बोथली
        कार्रवाई से काम प्रभावित
नहर दुरूस्ती का काम शुरू है। नहर के भीतर के छोटे पेड़ांे की झाड़ियां काटी गई है। वहीं सीमेंटीकरण करने के लिए नहर की खुदाई की गई। इस खुदाई में जो रेती और मिट्टी निकली है उसे अलग कर संग्रहित किया गया है। जिसका उपयाेग नहीं किया जा रहा है। लेकिन एफडीसीएम ने झाड़ियों की कटाई तथा नहर परिसर से खुदाई करने के कारण को लेकर कार्रवाई की है। जिस वजह से काम पुर्ण रूप से बंद है। जिस वजह से समय पर काम पुरा नहीं हो पा रहा है। 
देवेंद्र चौहान, सुपरवाइजर, निर्माण कार्य, एजेंसी

0 تعليقات

إرسال تعليق

Post a Comment (0)

أحدث أقدم