बस्ता मुक्त शनिवार, विद्यार्थियों ने की नगदी कमाई - स्कूल में ही लगाए दुकान, आर्थिक व्यवहार का पढा शिक्षा का पाठ DNA । गोंदिया

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जिला परिषद स्कूलों में अब शिक्षा के साथ आनंददायी शाला का भी उपक्रम चलाया जा रहा है। नेशनल एज्युकेशन पॉलिशी के तहत विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में एक दिन अर्थात शनिवार को बस्ता मुक्त शाला का उपक्रम चलाया जा रहा है। इस उपक्रम के तहत गोरेगांव पंचायत समिति अंतर्गत पिंडकेपार जिला परिषद शाला में शनिवार 31 जनवरी को बस्ता मुक्त शाला का आयोजन किया गया था, जिसमें विद्यार्थियांे ने पानी पुरी, फलों की दुकान, शैक्षणिक सामग्री, विषमुक्त सब्जी आदि दुकाने लगाकर बाजार लगाया था। इस दौरान विद्यार्थियों के अलावा ग्रामीणों ने भी जमकर खरीददारी की। इस दौरान विद्यार्थियों ने प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लेन-देन का व्यवहार जानकर हजारों रूपयों की नगदी कमाई की है। 
बता दें कि विद्यार्थियों को प्रतिदिन स्कूलों में विभिन्न विषयों का शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है। सभी विषयों की किताबे तथा नोटबुक स्कूल बैग में भरी जाती है। जिसका वजन इतना हो जाता है कि छोटे विद्यार्थियों को बस्ता उठाना काफी मुश्किल हो जाता है। जिससे उन्हे शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान होना पड़ता है, लेकिन वे छोटे उम्र के होने से अपनी समस्या सार्वजनिक रूप से बयां नहीं कर पाते आदि उद्देश्य को लेकर शिक्षा विभाग ने नेशनल एज्युकेशन पॉलिशी के तहत जिला परिषद स्कूलों के विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच ओर सामाजिक भावनात्मक कौशल विकसित करने के लिए बस्ता मुक्त शनिवार उपक्रम शुरू किया गया है। इस दिन कोई भी विद्यार्थी किताब व नोटबुक स्कूल में नहीं लेकर जाता। इस दिन आनंदमयी वातावरण में अपने गुणों का प्रदर्शन करना होता है। इतना ही नहीं तो आर्थिक व्यवहार कैसा किया जाता है, इसकी भी जानकारी आर्थिक लेन-देन के माध्यम से दी जाती है। खेल-कुद के साथ नगद कमाई के लिए भी दुकानों के स्टॉल लगाकर आर्थिक शिक्षा का पाठ पढाया जाता है। इसी तरह का आयोजन पिंडकेपार जिला परिषद स्कूल में किया गया था, जिसमें विद्यार्थियों ने खाद्य सामग्री के अलावा विभिन्न सामग्री बिक्री की दुकाने लगाकर स्कूल परिसर में बाजार लगाया था। इस बाजार में जमकर खरीददारी की गई।  

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