गोंदिया में उड़ेगा अरारोट से बना लखनऊ का गुलाल - युपी से पहुंची 40 दुकानदारों की टोली, शहर का बाजार हुआ गुलजार DNA न्यूज़। गोंदिया महाराष्ट्र

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आज सोमवार को होली और मंगलवार 3 मार्च को धुलीवंदन मनाया जा रहा है। होली उत्सव पर रंगों की बौछार होती है। इस वर्ष गोंदिया में अराराेट से बना लखनऊ का रंग-बिरंगी गुलाल उड़ने वाला है। युपी से 40 दुकानदारों की टोली रविवार 1 मार्च को गोंदिया शहर में पहुंच गई है, जो दोपहर 2 बजे के बाद गोंदिया शहर का बाजार लखनऊ की गुलाल व रंगों से गुलजार हो गया है। 
हिंदु संस्कृति में होली को विशेष महत्व है। इस दिन विभिन्न व्यंजन बनाकर होली का दहन करते है। दुसरे दिन धुलीवंदन मनाया जाता है। इस दिन रंग-बिरंगे रंगों, गुलाल, फुलों व पानी की बौछार कर होली खेली जाती है। यह पर्व बड़े उत्साह के साथ सभी धर्म अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार मनाते है। लेकिन इस उत्सव पर केमिकल मिश्रित रंग व गुलालों का इस्तेमाल करने से त्वचा रोग होने की प्रबल संभावना बनी रहती है। जिसे देखते हुए प्राकृतिक रंग व बिना केमिकल के रंग व गुलालों का निर्माण बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। होली पर्व को देखते हुए गोंदिया शहर में युपी के लखनऊ शहर से 40 रंग व गुलाल बेचने वाले कारोबारियों की टोली होली के एक दिन पूर्व ही पहुंच गई है। लखनऊ से पहुंचे रंग गुलाल विक्रेता मो. दिलसाद ने बताया कि होली उत्सव रंगों का पर्व है। रंग व गुलाल से नुकसान न पहुंचे इस उद्देश्य को लेकर अरारोट व शुद्ध रंग मिलाकर विभिन्न रंगों की गुलाल तैयार की गई है। जिससे यह रंग व गुलाल त्वचा के लिए सुरक्षित और साईड इफैक्ट फ्री है। अरारोट से निर्मित गुलाल व रंगों की अधिक मांग होने से इस वर्ष गोंदिया शहर में गुलाल व रंगों की बिक्री के लिए लखनऊ से 40 रंग विक्रेता पहुंचे है। जिसे गोंदियावासियों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। दो दिनों में एक विक्रेता से लगभग एक से सव्वा क्विंटल रंग व गुलाल की बिक्री होने की उम्मीद है। इतने क्विंटल की बिक्री से लगभग 10 से 12 हजार रूपए शुद्ध मुनाफा मिल जाएगा। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गुलाल व रंगों की दुकाने लगाई गई है। 
200 रूपए किलो बिक रहा अरारोट से निर्मित गुलाल 
अरारोट व शुद्ध रंग से सुरक्षित गुलाल तैयार किया गया है। लगभग 10 प्रकार के गुलाल बनाए गए है, जो आकर्षक फ्लेवर में ग्राहकों को बेचा जा रहा है। अरारोट से निर्मित गुलाल 200 रूपए प्रति किलो के दर से बेचा जा रहा है। खासकर भगवा व लाल रंग की अधिक मांग होने से भगवा व लाल रंग अधिक बेचने की उम्मीद है। 

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