DNA न्यूज़नेटवर्क महाराष्ट्र
पुसद | ग्रीष्मकल के पूर्व से ही जंगलों में आग लगाई जा रही है, यह आग कोई प्राकृतिक नहीं बल्कि जानबूझकर लगाई जा रही है। जिससे जनहानि को भी नुकसान पहुंच रहा है ।इसी तरह की एक घटना जंगल में लगे दावानल को बुझाने का प्रयास करते समय गंभीर रूप से झुलसे वनपाल की उपचार के दौरान छत्रपति संभाजीनगर के अस्पताल में शनिवार की दोपहर में मौत हो गई।
मृतक वनपाल का नाम पुसद निवासी विजय रामदास सिंगनजुडे बताया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार विजय सिंगनजुडे यह जिले के हिवरी-मनपुर बिट में वनपाल के तौर पर कार्यरत थे। दौरान 6 मार्च को जंगल में भीषण आग लगने की जानकारी वनपाल सिंगनजुडे को मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने दावानल को बुझाने का भरकस प्रयास किया। लेकिन तेज हवा से आग तेजी से फैलती गई और वे आग के बीच में फंस गए।
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