DNA न्यूज़। गोंदिया
गोरेगांव तहसील अंतर्गत कन्हारटोला (पिंडकेपार) ग्राम आता है। यहां के जलस्त्रोतों के जल मंंे जहर जैसा फ्लोराईडयुक्त पानी है। 3 पीपीएम फ्लोराईडयुक्त पानी है जो पीने योग्य नहीं है। जिसे देखते हुए गोंदिया जिला परिषद के सीईओ एम.मुरूगानंथम ने 5 मई को सभा लेकर निर्देश दिए की गांव मंे जितने भी फ्लोराईडयुक्त जलस्त्रोत है इन जलस्त्रोतों का पानी का उपयोग पीने के लिए ना करे इस तरह के फलक लगाने कहा गया है।
इस संदर्भ में जानकारी दी गई की पिंडकेपार ग्राम पंचायत अंतर्गत कन्हारटोला ग्राम आता है। इस ग्राम की जनसंख्या लगभग 200 से अधिक है। लेकिन इस ग्राम के सरकारी और निजी जलस्त्रोतों में प्रमाण से अधिक फ्लोराईडयुक्त पानी है। बताया गया है की 3 पीपीएम से अधिक फ्लोराईड होने से इन जलस्त्रोतों का पानी पीने लायक नहीं है। प्रशासन ने पीने के पानी की व्यवस्था जलापूर्ति योजना के माध्यम से की है। लेकिन पिंडकेपार, रिटटोली व कन्हारटोला के लिए एक ही जलस्त्राेत होने से कन्हारटोला तक पानी नहीं पहुंच पाता। जिस वजह से समय पर पानी नहीं मिलता और ना ही आवश्यकता के अनुसार पानी उपलब्ध होता है। पानी की आवश्यकता को देखते हुए मजबुरन स्थानीय ग्रामीण फ्लोराईडयुक्त पानी का ही उपयोग करते है। फ्लोराईडयुक्त पानी पीने से दांत कमजोर हाे जाते है। लंबे समय तक फ्लोराईडयुक्त पानी का उपयोग करने से हडि्डया कमजोर हो जाती है आदि समस्याए निर्माण हो जाती है। ग्राम पंचायत प्रशासन की ओर से कई बार स्थायी जलापूर्ति की व्यवस्था करने की मांग की है। लेकिन अभी तक स्वतंत्र पेयजल योजना कन्हारटोला के लिए तैयार नहीं की गई है। उपरोक्त समस्या से निजात पाने के लिए गांेदिया जिला परिषद के सीईओ ने इस विषय को लेकर 5 मई को सभा लेकर आवश्यक उपाय योजना करने के निर्देश दिए है।
नया जलस्त्रोत तैयार किया जाएगा
कन्हारटोला के सार्वजनिक तथा निजी जलस्त्रोतों में 3 पीपीएम तक फ्लोराईड होने से इन जलस्त्रोंतो का पानी पीने योग्य नहीं है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा इस विषय को लेकर सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें आवश्यक उपाय योजना करने के निर्देश दिए है। रिटटोली में स्थित 15 हजार लीटर क्षमता वाली पानी टंकी परिसर में ही जलस्त्रोत का निर्माण किया जाएगा और इस जलस्त्रोत से पानी की टंकी मंे पानी संग्रहित कर कन्हारटोलावासियांे को पीने के पानी की आपूर्ति की जाएगी।
- ए.एम. अडमे, उपविभागीय अभियंता, जलापूर्ति, गोंदिया
कागजों पर जलापूर्ति
कन्हारटाेला ग्राम में एक जानकारी यह भी सामने आई की जिला प्रशासन ने यहां के ग्रामवासियों को जलापूर्ति के लिए कन्हारटोला में ही पानी की टंकी निर्माण किया। 2012 में पानी टंकी तैयार की गई। लेकिन बताया जा रहा है की इस पानी की टंकी से कन्हारटोलावासियों को जलापूर्ति ही नहीं की गई है। इससे यह स्पष्ट हो रहा है की कन्हारटोला में निर्मित पानी की टंकी से जलापूर्ति केवल कागजों मंे ही दिखाई गई है। जब से बनी तब से अभी भी बंद अवस्था में है। जिसकी जांच भी संबंधित विभाग की ओर से करनी चाहिए। इस तरह की मांग भी कन्हारटोलावासियों द्वारा की गई है।
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