गोंदिया जिला शिक्षा बचाव समन्वय समिति और विभिन्न संगठनों के नेतृत्व में शिक्षाविदों ने सोनम वांगचुकशिक्षा व्यवस्था, छात्रों के भविष्य और शैक्षिक सुधारों के लिए शुरू की गई आमरण भूख हड़ताल के समर्थन में अभिजीत दीपके ने सोमवार (20 तारीख) को जयस्तंभ चौक स्थित डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर प्रतिमा परिसर में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। जिले के बड़ी संख्या में युवाओं ने इस प्रदर्शन में भाग लिया। प्रदर्शन के बाद, विभागीय अधिकारी को भारत के राष्ट्रपति महोदय नाम से ज्ञापन सौंपा।
शहर के जयस्तंभ चौक स्थित डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर प्रतिमा परिसर में आयोजित विरोध प्रदर्शन में छात्र, शिक्षक, अभिभावक, विभिन्न सामाजिक संगठन प्रतिनिधि, संविधान प्रेमी नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिक्षा को मौलिक अधिकार बताते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। केंद्र सरकार से मांग की गई कि वह सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके से तत्काल औपचारिक बातचीत करे, उनकी शिक्षा और छात्रों के भविष्य से संबंधित मांगों घर गंभीरता से विचार करे और सकारात्मक एवं निष्पक्ष निर्णय ले। साथ ही, भूख हड़ताल कर रहे प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखने और लोकतांत्रिक माध्यमों से किए जा रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के प्रति संवेदनशील आर संवैधानिक रुख अपनाने की भी मांग की गई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों पर टिप्पणी करते हुए शिक्षा के व्यवसायीकरण, छात्रों पर बढ़ते दबाव, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर सरकार द्वारा ठोस नीतिगत निर्णय लेने की आवश्यकता व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा से संबंधित मुद्दों को केवल प्रशासनिक या कानून व्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि देश की भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दों के रूप में देखा जाना चाहिए। विरोध प्रदर्शन के दौरान उपस्थित नागरिकों ने एक वक्तव्य पर हस्ताक्षर करके विरोध प्रदर्शन को नैतिक समर्थन दिया। विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और शिक्षा प्रेमी नागरिकों ने भी इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लिया।
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