*DNA न्यूज़ नेटवर्क*
गढ़चिरोलीः धन के लालच में खून के रिश्ते दुश्मनी में बदल जाने का एक चौंकाने वाला मामला कोरची तालुका में सामने आया है। पुलिस ने ढाई साल बाद आरोपी चाचा और उसके साथी को जमीन विवाद को लेकर अपने ही भतीजे की कुल्हाड़ी से हत्या करने और शव को जंगल में दफनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। डीएनए रिपोर्ट की मदद से हत्या का रहस्य खुला।
*क्या है मामला*
अंबेखरी निवासी 23 वर्षीय महेश शामसाय कल्यामी जुलाई 2024 से लापता था। इसी बीच, नवंबर 2024 में जब महेश की मां दुमलाबाई जंगल मे लकड़ियां लेने गई थीं, तो उन्हें एक शव और मानव हड्डियों का कंकाल दफन मिला। उन्हें संदेह हुआ कि यह कंकाल उनके लापता बेटे का हो सकता है। घटना की गंभीरता को समझते हुए, पुलिस ने तहसीलदार की उपस्थिति में शव को जमीन से निकाला और पंचनामा किया। हालांकि, शव की पहचान करना मुश्किल होने के कारण, उसके अवशेषों को डीएनए परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था।
' *डीएनए रिपोर्ट' और संदेह की सुई*
28 फरवरी, 2026 को प्राप्त डीएनए रिपोर्ट से पता चला कि शव महेश का था। इसके बाद पुलिस इंस्पेक्टर शैलेंद्र ठाकरे की टीम ने जांच शुरू की। मृतक महेश का अपने पिता शामसाय और बड़े चाचा रामदास से जमीन के बंटवारे को लेकर अक्सर झगड़ा होता रहता था। जुलाई 2024 में भी रामदास और महेश के बीच जमीन विवाद को लेकर भयंकर झगड़ा हुआ था। झगड़े वाले दिन रामदास और उसके साथी दासारू कल्लो ने महेश का पीछा किया और उसे जंगल में ले गए। वहां उन्होंने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और सबूत मिटाने के इरादे से शव को जमीन में गाड़ दिया। घटना के बाद रामदास ने खून से सनी कुल्हाड़ी को धोकर सबूत मिटाने की कोशिश की।
कोरची पुलिस ने आरोपी रामदास अमरू कल्यामी (59) और दासारू ठाकुरराम कल्लो (42) को 2 मार्च,2026 को गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 103(1), 238 (बी) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इंस्पेक्टर ठाकरे, सपोनी मुकुंद देशमुख, एएसआई
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