गोंदिया में आवारा कुत्तों का आतंक 4 हजार 312 लोग हुए डॉग बाइट के शिकारDNA न्यूज़ गोंदिया

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जिले में आवारा कुत्तों का आतंक इतना खतरनाक हो चुका है की मानवी जीवन खतरे में आ गया है। जिले में 17 माह मंे 4 हजार 312 लोग डॉग बाइट के शिकार हो चुके है। जिनमे से एक व्यक्ति की मृत्यु भी होने की जानकारी सामने आई है। इन आंकड़ों को देखते हुए कहा जा रहा है की जिलें में राेजाना अौसतन 8 लोग डॉग बाइट के शिकार हो रहे है। कुत्तों के हमलो को देखते हुए हाल ही में उच्च न्यायालय ने अहम निर्देश जारी किए की रेबीज से संक्रमित, बीमारी से ग्रस्त खतरनाक आवारा कुत्तों को जान से मारने की अनुमति दी है। 
बता दें की ग्रामों से लेकर शहर की हर गली में आवारा कुत्तों का झुंड बड़े पैमाने मंे देखा जा रहा है। मौका देखते ही आवारा श्वानों का झुंड हमला कर कांट देते है। इस तरह के कई मामले सामने आ चुके है। जिस कारण लोगों में भय का माहौल बन जाता है। अब तो आवारा श्वान दौडते दोपहिया वाहन चालक पर भी हमला कर काट रहे है। जिससे मानवी जीवन भी खतर में आ गया है। गांेदिया जिला स्वास्थ्य विभाग ने जो आंकडे बताए है वह काफी चौकाने वाले है। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया है की जनवरी 2025 से मार्च 2026 तक 4 हजार 312 लोग डॉग बाइट के शिकार हो चुके है। जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु भी हो गई है। हालांकि वह मृत्यु संदिग्ध बताई गई है। इन आंकडांे पर नजर डालने पर ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है की रोजाना औसतन 8 लोग डॉग बाइट के शिकार हो रहे है। आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसके पूर्व उच्च न्यायालय ने सभी ग्राम पंचायत एवं संबंधित प्रशासन को निर्देश दिए थे की श्वानों की बढ़ती संख्या को नियंत्रण में लाने के लिए श्वानांे को पकड़कर उनकी नसबंदी करे। लेकिन अधिकांश ग्राम पंचायतों ने इस ओर अनदेखी की है। लेकिन 19 मई को उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए रेबीज संक्रमित, बीमार या खतरनाक आवारा श्वानों को जान से मारने का अादेश दिया है। 

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