DNA न्यूज़ गोरेगांव। गोंदिया
ओबीसी समुदाय के लिए जनगणना के जानकारी पत्र में अलग से कोई कॉलम नहीं है। जिस कारण ओबीसी समुदाय द्वारा इस जनगणना का भारी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी विराेध को लेकर गोरेगांव मंे चिलचिलाती धूप में भी गुरूवार 28 मई को निषेध रेली निकालकर जनगणना का बहिष्कार करते हुए जनगणना जानकारी पत्र में ओबीसी का स्वतंत्र कॉलम रखने की मांग उठाई गई है। इस दौरान बड़ी संख्या में ओबीसी समुदाय के लोग शामिल हुए थे।
ओबीसी समुदाय की मांग है की जनगणना प्रपत्र मंंे केवल अनुसूचित जाती, अनुसूचित जनजाति और अन्य का विकल्प रखा गया है। जिस तरह से अनुसूचित जाती, जनजाती का स्वतंत्र कॉलम रखा गया है ठीक इसी तरह जनगणना प्रपत्र में ओबीसी के लिए स्वतंत्र कॉलम रखना चाहिए। इस मांग को लेकर जिले में विभिन्न स्थानों पर जनगणना का बहिष्कार कर ओबीसी कॉलम की मांग की जा रही है। अभी गांेदिया में 45 डिग्री सेल्सिअस से अधिक तापमान देखा जा रहा है। फिर भी अपने अधिकार के लिए चिलचिलाती धूप में ओबीसी समुदाय द्वारा गोरेगांव मंे निषेध रेली निकालकर मांग का ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से सौंपा गया है। इस दौरान पूर्व सांसद खुशालचंद्र बोपचे, नगर पंचायत उपाध्यक्ष मलेश्याम येरोला, जगदीश येरोला, रविकांत बोपचे, रेवेंद्र बिसेन, भुमेश ठाकरे, व्ही. टी. पटले, ओमप्रकाश कटरे, वाय. आर. चौधरी, डा. एल.एस.तुरकर, कमलेश बारेवार, टेकेश रंहागडाले, बी.आर. गौतम, भुषन कावडे आदि उपस्थित थे।
जनगणना नहीं हुई तो आरक्षण से वंचित रहना पडेगा
ओबीसी बहुजन महासंघ का कहना है की केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी की जनगणना को मंजूरी दी गई थी। लेकिन मई 2026 में जनगणना का प्रथम चरण शुरू हुआ तो जनगणना के प्रपत्र में ओबीसी का स्वतंत्र कॉलम नहीं है। जिसे देखते हुए कहा जा रहा है की ओबीसी की जनगणना नहीं हुई तो इस समुदाय को शासन द्वारा दी जाने वाली सुविधा, आरक्षण से वंचित रहना पड़ सकता है। जिसे देखते हुए ओबीसी का स्वतंत्र कॉलम रखने की मांग ओबीसी बहुजन महासंघ की ओर से की जा रही है।
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